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तेजस्वी न्यूज़ रिपोर्टर प्रशांत तिवारी
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सांसद वरुण गांधी ने लगवाए थे वेंटिलेटर, नहीं हो रहा था संचालन

संवादसूत्र, सुलतानपुर : जिला अस्पताल के इमरजेंसी में रखे गए सभी चारों वेंटिलेटर को चालू कर दिया गया है। सक्रिय किए जाने के बाद इन वेंटिलेटर पर मरीजों का इलाज भी किया जाने लगा है। डॉक्टर व स्टाफ नर्स की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर अब गंभीर मरीजों को अन्यत्र रेफर किए जाने से निजात मिल सकेगी।

वर्ष 2017-18 में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने के उद्देश्य से पूर्व सांसद वरुण गांधी द्वारा 10 लाख रुपये की लागत से इमरजेंसी कक्ष के लिए चार वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। इसके संचालन के लिए डॉक्टर, एनेस्थीसिया व अन्य स्टाफ नर्स की व्यवस्था के लिए शासन को पत्राचार किया गया था, लेकिन कर्मियों की नियुक्ति नहीं हो सकी। संक्रमण क के इस दौर में कोविड के मरीजों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसमें अधिकांश मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनमें ऑक्सीजन की कमी के चलते उन्हें वेंटिलेटर दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद वेंटिलेटर के सक्रिय न होने से मरीजों को लखनऊ व अन्य जनपद के लिए रेफर करने को मजबूर होना पड़ता था।
197 और मिले पॉजिटिव, 399 हुए स्वस्थ :

लखनऊ के केजीएमयू, आरएमएल व बलरामपुर अस्पताल से जारी रिपोर्ट में जिलेभर में कुल 197 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। संक्रमितों को इलाज के लिए कोविड एल-वन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड समेत घरों में भी अधिकांश मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। ठीक होने वाले 399 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि 1784 लोगों की आरटीपीसीआर जांच में 174 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 1008 ग्रामीणांचल व 138 शहरी लोगों की एंटीजन जांच की गई। इस जांच रिपोर्ट में भी 21 व्यक्तियों में कोविड के लक्षण पाए गए। वहीं जिला अस्पताल में की गई एंटीजन जांच में दो लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। मरीजों को कोविड दवा किट उपलब्ध कराई गई है, साथ ही सतर्कता बरतने के लिए भी निर्देशित किया गया है। मास्टर ट्रेनर शिक्षिका का कोरोना से निधन

कोरोना संक्रमित होने के कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर भदैंया की सहायक अध्यापक मास्टर ट्रेनर डॉ. रागिनी मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।

रागिनी अपने पति डॉ. एसपी मिश्र, दो बेटियों व बेटे के साथ लखनऊ नाका क्रासिंग के पास रहती थीं। उनके पति गनपत सहाय पीजी कालेज में वनस्पति विज्ञान विषय के प्राध्यापक हैं। डा. रागिनी 2011 से 2017 तक भदैंया की सहसमन्वयक रहीं। बीएसए दीवान सिंह ने बताया कि ब्लाक व जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में वह भाग लिया करती थीं। उन्हें अमहट ट्रामा सेंटर के कोविड एलटू अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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