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करमा, सोनभद्र(सेराज अहमद )


स्थानीय विकास खण्ड अंतर्गत कुचमरवा के आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन अभी नहीं बनने से प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन में ही आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। केंद्र पर तैनात आंगनबाड़ी अर्चना मिश्रा ने बताया कि इस केंद्र पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों की संख्या 17 पंजीकृत है 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों की संख्या 27 पंजीकृत हैं। तथा पांच गर्भवती महिलाएं और सात धात्री महिलाओं का भी पंजीकरण इस केंद्र पर है । जहां सभी को शासन से मिले पोषाहार समय-समय पर वितरित किया जाता है। पोषाहार में 1 किलोग्राम गेहूं 1 किलोग्राम चावल 1 किलोग्राम दाल 500 ग्राम रीफाइन निर्धारित पात्रो को मानक के अनुरूप देने की व्यवस्था सुनिश्चित है। बच्चों की पढ़ाई की स्थिति में उन्होंने बताया कि कोरोना काल मैं पढ़ाई बंद थी अब शासन के नियमानुसार 3 से 6 वर्ष के बच्चों को हफ्ते में 2 दिन सोमवार और गुरुवार को पढ़ाया जाता है ।बच्चो को बैठने की व्यवस्था में यहां दरी,टाट पट्टी की व्यवस्था है।
इसी प्रकार अन्य केंद्र खैराही प्रथम व द्वितीय के प्रभारी आंगनवाड़ी कांति देवी ने बताया कि खैराही द्वितीय केंद्र में 6 माह से 3 वर्ष के 69 बच्चे तथा 3 वर्ष से 6 माह के 50 बच्चे व 26 गर्भवती महिलाएं 6 धात्री महिलाओं का पंजीकरण किया गया है तथा इंचार्ज के रूप में खैराही प्रथम का भी कार्यभार मुझे मिला है जहां पर 6 माह से 3 वर्ष के 79 बच्चे 3 वर्ष से 6 माह के 50 बच्चे 17 गर्भवती महिलाएं 16 धात्री महिलाओं का पंजीकरण है। समय-समय पर लाभार्थियों को निर्धारित मानक के अनुरूप प्रति माह के हिसाब से पोषाहार दिया जाता है ।खैराही प्रथम के केंद्र में खिड़की दरवाजे सब टूट गए हैं जिसे कारण सामान को पास के विद्यालय में सुरक्षित रख दिया जाता है । पढ़ाई का कार्यक्रम सरकार की गाइड लाइन के अनुसार किया जा रहा है । इस प्रकार कई गांवो में आँगन वाड़ी केंद्र नही है जहाँ विद्यालयो में ही केंद्र संचालित होता है।
इस संदर्भ में खण्ड बाल विकास अधिकारी(cdpo)रावर्ट्सगंज सुजीत कुमार ने बताया कि जहाँ आँगन बाड़ी केंद्र का भवन नही है वहाँ से प्रस्ताव मागा गया है प्रस्ताव आने के बाद शासन को भेज दिया जाएगा ,धन आने के बाद भवन निर्माण कराया जाएगा। सरकार के गाइड लाइन के अनुसार सप्ताह में दो दिन सोमवार, गुरुवार को ही बच्चों को पढ़ाना है। जिसके लिए सभी केंद्रों के आंगन वाड़ी कार्यकर्ती , आशा को निर्देशित किया गया है ।पोषाहार कोरोना काल के कारण लेट से आने लगा है ज्योही आ जाता है लाभार्थियो को दे दिया जाता है । चर्चाओं की मानें तो कुछ प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर अपने विद्यालय में आँगन बाड़ी केंद्र के लिए जगह नहीं दे रहे हैं।ऐसे में आँगन बाड़ी कार्यकर्तियो को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।किसी प्रकार से केन्द्र चलाने को विवश हैं।

By admin

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